कपकोट (बागेश्वर)। गंगाशील अस्पताल बरेली से संचालित पीपीपी मोड सीएचसी कपकोट के डॉक्टरों और कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिल सका है। वेतन न मिलने से उनमें भुखमरी की नौबत आ गई है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कर्मियों ने सोमवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। सभा में वक्ताओं ने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन और भी तेज कर दिया जाएगा। कर्मियों के कार्यबहिष्कार से उपचार के लिए पहुंचे रोगियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।
अस्पताल परिसर में हुई सभा में डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें दिसंबर से वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। वेतन न मिलने से उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। वेतन के बगैर उनके सारे काम प्रभावित हो चुके हैं। दुकानों से भी अब उन्हें उधार पर जरूरी सामान भी मिलना बंद हो गया है। वेतन के लिए उन्होंने 29 मार्च और 11 अप्रैल को अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक को ज्ञापन दिया था। इसमें वेतन का भुगतान शीघ्र न मिलने पर ओपीडी के बहिष्कार चेतावनी दी गई थी।
तब भुगतान तीन दिन के भीतर करने का आश्वासन मिला था। बावजूद वेतन नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि वेतन का शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो आपातकालीन सेवा छोड़कर सभी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में डॉ. एनके उपाध्याय, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. आलोक, डॉ. विक्की, डॉ. निशा किरन, डॉ. पंकज, मैनेजर शिवकुमार श्रीवास्तव, फार्मेसिस्ट नीरज पांडे, विनीता बिष्ट, स्टाफ नर्स हरिओम उपाध्याय, खड़क सिंह, जीवन, दीपा, एक्सरे तकनीशियन हरीश भट्ट, लैब तकनीशियन दीपक कुमार, वार्डब्वॉय प्रकाश तिरुवा, संजय तिरुवा, संतोष, जगमोहन आदि शामिल हैं।
इधर सीएमओ डॉ. एसके साह ने बताया कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ओपीडी को संचालित करने के लिए दो डॉक्टर, एएनएम, नर्स की तैनाती कर दी है। उन्हें शील अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक को पत्र भेजकर डॉक्टरों और कर्मियों को शीघ्र वेतन देने के निर्देश दिए है।