उत्तरायणी मेले के समापन की रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बाहरी क्षेत्र के व्यापारियों से मारपीट और लूटपाट करने के प्रकरण की जांच जारी है। शुक्रवार को महिलाओं ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें पूरे प्रकरण की सीबीसीआईडी से जांच कराकर निर्दोष लोगों को बिना शर्त रिहा कराने की मांग की है।
कनिष्ठ ब्लाक उप प्रमुख सुनीता टम्टा के नेतृत्व में महिलाओं ने एडीएम से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने कहा है कि बाहरी क्षेत्र के व्यापारियों ने भास्कर टम्टा और कुलदीप मेहता पर झूठे आरोप लगाए हैं। घटना के समय दोनों अपने परिवारों के साथ थे।
वह बेकसूर हैं। उन्होंने सीएम से मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराकर निर्दोषों को छोड़ने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पार्वती, कमला, शांति टम्टा, सरोज आर्या, गीता, कविता, नीलम, किरन, हंशी, पुष्पा, हेमा, नंदी, कला मेहता, कौशल्या रौतेला, पुष्पा आर्या, अंकिता, नेहा, मीना बोरा, ओमा देवी आदि शामिल हैं।
इधर अभाविप कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। इसमें उन्होंने जिले की लचर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा है उत्तरायणी मेले के दौरान गुंडागर्दी चरम पर थी।
ज्ञापन देने वालों में अभाविप के राष्ट्रीय सदस्य मनोज ओली, प्रदेश उपाध्यक्ष मनमोहन भाकुनी, चंदन कोरंगा, आदर्श कठायत, विशाल नेगी, लक्ष्मण कोरंगा, कृष्ण फर्स्वाण, बबलू जोशी, मनोज खेतवाल, अंकित ऐठानी, मनोज गोस्वामी, पंकज कोरंगा और मनीष मनराल आदि शामिल थे।