यूपीसीएल में कनिष्ठ अभियंताओं का लंबे समय से टोटा चल रहा है। विभाग के पास 10 के सापेक्ष सिर्फ एक ही पूर्णकालिक अभियंता है। यहां सहायक अभियंता का एक पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है। अभियंताओं के नहीं होने से जहां लाइनों की समय से देखरेख नहीं हो पा रही है, वहीं जन शिकायतों के निस्तारण में दिक्कतें आ रही हैं। लोगों ने प्रदेश सरकार से अभियंताओं की शीघ्र तैनाती की मांग की है।
जिले में यूपीसीएल के बागेश्वर, कपकोट, गरुड़, कर्मी, शामा, कांडा, कौसानी और काफलीगैर में पांच एमवीए क्षमता के बिजली घर हैं।
इनसे नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली की आपूर्ति होती है। विभाग में कनिष्ठ अभियंता के 10 पद सृजित हैं, जिसमें बागेश्वर बिजली घर को छोड़ किसी भी बिजली घर में जेई नहीं है। इस सभी जगहों पर कामचलाऊ व्यवस्था के तहत संचालन हो रहा है।
कपकोट उपखंड में एई का पद भी लंबे से खाली है। अभियंता नहीं होने के कारण जन शिकायतों का निराकरण भी समय पर नहीं हो पा रहा है। आपदा और अन्य कारणों से लाइनों में आने वाले फॉल्ट का निस्तारण जल्दी से नहीं हो पाता है। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले फरियादियों को छोटे से काम के लिए विभाग के कई कई चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। इधर, यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता भाष्कर पांडे ने बताया कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को जेई के पद रिक्त होने की बात से अवगत कराया है।