सहस्रधारा की यात्रा पर गए पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी बुधवार की रात लौट आए। उन्होंने सहस्रधारा में देश में सुख और शांति की कामना की। कोश्यारी ने विधायक बलवंत भौर्याल की निधि से बने रास्ते और 15 लकड़ी के अस्थाई पैदल पुलों का लोकार्पण और विधायक निधि से ही भद्रतुंगा में बनने वाले जन मिलन केंद्र की आधारशिला रखी।
कोश्यारी ने सहस्रधारा को प्रमुख तीर्थ बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र में आवागमन और रात में ठहरने की व्यवस्था होने पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। उन्होंने उप प्रभागीय वनाधिकारी को रास्ते की लंबाई का सही सही आकलन करने और अन्य संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। इससे पूर्व पूर्व सीएम कोश्यारी बुधवार दोपहर बाद सहस्रधारा पहुंचे थे।
वहां करीब दो घंटा बिताने के बाद वह देर रात जसरौली स्थित वन विभाग के बंगले में पहुंचे। कोश्यारी ने सहस्रधारा में सोलर लाइट लगाने, भद्रतुंगा से सरयू के किनारे-किनारे पैदल सड़क बनाने और झूनी गांव की ओर लोगों के रहने के लिए धर्मशाला बनाने के निर्देश दिए गए। कहा कि धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इस क्षेत्र का विकास होने पर कई खाली हाथों को रोजगार मिलेगा।
विधायक बलवंत भौर्याल ने कहा कि सहस्रधारा में मां सरयू, गौरी, शिवजी, गुरू गोरखनाथ और बाण देवता के मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा। स्नानागार, सरयू के किनारे स्नान घाट बिजली के पांच पोल लगाए जाएंगे। भौर्याल ने बताया कि पीएमजीएसवाई से तरसाल से झूनी गांव के लिए मंजूर नौ किमी लंबी सड़क की डीपीआर तैयार हो गई है।
एक महीने के भीतर भारत सरकार से वन अधिनियम की स्वीकृति मिलने पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम ने भद्रतुंगा में सौर ऊर्जा लगवाने की घोषणा की। वहां नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, भाजपा नगर अध्यक्ष गीता ऐठानी, सांसद प्रतिनिधि दयाल ऐठानी, शिक्षक दयाल ऐठानी, जुगल किशोर जोशी, कैलाश उपाध्याय, धामी शोबन सिंह, सुरेश गढ़िया, भगवत कोरंगा, बबलू ऐठानी, सुंदर देव आदि थे।