10000 क्विंटल सालाना हो रहा बागेश्वर में कीवी का उत्पादन
5320 कीवी के नए पौधे लगाए जाएंगे
बागेश्वर। उद्यान विभाग जिले में कीवी मिशन चला है। इसमें 1000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कीवी की खेती की तैयारी चल रही है। कीवी की खेती के लिए ठंडी जलवायु का होना आवश्यक है। शामा, बगर, कर्मी, कौसानी में मिशन की सफलता को देख सात रतबे, पुड़कुनी, मनकोट, काफलीगैर, वज्यूला क्षेत्र में भी अब इसकी खेती की जाएगी।
कीवी मिशन के अंतर्गत 80 प्रतिशत यानी 9,60,000 की सब्सिडी उद्यान विभाग किसान को प्रदान करता है। शेष 2,40,000 यानी 20 प्रतिशत हिस्सा किसान को स्वयं देने पड़ता हैं। जिले की 40 एकड़ भूमि में कीवी के बगीचे का निर्माण किया जाना है। इसमें कीवी के 5320 नए पौधे लगाए जाएंगे। यह बगीचे शामा, कर्मी, कौसानी, काफलीगैर, वज्यूला और पुड़कुनी क्षेत्र में बनाए जाएंगें। जिले में हर साल 8000 से 10000 क्विंटल कीवी का उत्पादन किया जा रहा है। 150 से 200 किसान इसकी खेती कर रहे हैं। आजादपुर मंडी दिल्ली, हल्द्वानी और लखनऊ मंडी से कीवी की मांग आ रही है। उद्यान विभाग किसानों को तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहा है।
चारधाम यात्रा में जा रहे कीवी उत्पाद
बागेश्वर। शामा क्षेत्र के भवान सिंह कोरंगा कीवी मैन के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने पीएमएफएमई ( प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज ) योजना के तहत सब्सिडी लेकर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की। इसमें कीवी का जूस, कैंडी, जैली, अचार, मुरब्बा बनाया जाता है। पिछले साल इन उत्पादों को चारधाम यात्रा के दौरान बेचा गया था। संवाद
कोट
कीवी का उत्पादन किसानों को आर्थिक सहायता दे रहा है। कई किसान खेती के लिए आवेदन कर रहे हैं। 10 एकड़ में जिला योजना और तीस एकड़ में सीएमआरकेवीवाई (मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना) के तहत कीवी की खेती की जा रही है।- कुलदीप जोशी, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक बागेश्वर