फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पता ही नहीं चलता सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क

विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर। मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात पर्यटन नगरी कौसानी को जोड़ने वाली सड़क शासन-प्रशासन की उपेक्षा से बदहाल हो गई है। 10 किमी से अधिक के दायरे में पता ही नहीं चलता कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। रोजाना सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने विभाग से जल्द सड़क में डामरीकरण करवाने की मांग की है।
विज्ञापन

कौसानी और बैजनाथ जिले के प्रमुख पर्यटक स्थल हैं। जहां देश-विदेश सेे हर वर्ष सैलानी आते हैं। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में विशेष सुविधाएं दी जानी चाहिए थी, लेकिन मुख्य सुविधा सड़क ही बदहाल हो रही है। गरुड़ से करीब तीन किमी आगे से सड़क बदहाल है। कौसानी जाने तक जगह-जगह मार्ग गड्ढों से पटा हुआ है। अल्मोड़ा, रानीखेत, हल्द्वानी, कर्णप्रयाग आदि मार्गों से रोजाना सैकड़ों वाहन इस सड़क से होकर गुजरते हैं। गरुड़ और कौसानी के बीच दोपहिया चालकों की भी नियमित आवाजाही रहती है। सड़क खराब होने से चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढे पानी से लबालब भर जाते हैं, जिससे हादसा होने की आशंका भी बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि विभाग लंबे समय से डामरीकरण करने की बात कर रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्य नहीं हुआ है। इधर, लोनिवि के ईई संजय कुमार पांडेय ने बताया कि बैजनाथ-कौसानी मोटर मार्ग में डामरीकरण का काम चल रहा है। विभाग ने मानसून शुरू होने से डामरीकरण पूरा करवाने का लक्ष्य रखा था। इस वर्ष करीब 10 वर्ष पूर्व बारिश शुरू होने से दिक्कत हो रही है। मौसम साफ रहने पर डामरीकरण का काम जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें