गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार की जिला शाखा की ओर से भगवान बागनाथ की नगरी में आयोजित तीन दिनी श्रद्धा संवर्द्धन गायत्री महायज्ञ में बृहस्पतिवार को दूसरे दिन नौ कुंडीय महायज्ञ हुआ। गायत्री परिवार के परिजनों ने सपत्नीक शामिल होकर तिल और घी के साथ भगवान को आहुति दी। परिजनों ने विश्व शांति की कामना की। अशोक ठोके ने कैसे चुकाऊं इन सांसों का मोल... भजन प्रस्तुत किया।
बड़ी संख्या में गायत्री परिवार से जुड़े परिजन हवन यज्ञ में शामिल हुए। संगीतमयी प्रवचन सुनने वालों का तांता लगा रहा है। गायत्री, वेद के मंत्रों के साथ हवन कुंडियों में आहुतियां दी गई। शांतिकुंज हरिद्वार से पहुंचे परिजनों में अशोक ठोके ने कहा कि मनुष्य के मन, हृदय और मस्तिष्क में आविष्कार करने की क्षमता है।
इन तीनों को यदि किसी अच्छे काम में लगा दिया जाए तो क्या कुछ नहीं हो सकता है। उत्तराखंड भूमि देव भूमि है यहां अतिथि तुम कब जाओगे नहीं कहते हैं। गायत्री परिवार अतिथि तुम कब आओगे नाम की फिल्म बना रही है। उन्होंने मनमोहक संगीतों में कैसे चुकाऊं इन सांसों का मोल...,राम भक्ति ऐसी श्रद्धा उमड़ती है... आदि के जरिए लोगों से हनुमान, शबरी और भरत की भक्ति से प्रेरणा से लेने को कहा।
हारमोनियम पर सुनील बंशीधर, तबले पर दिलतीर यादव ने संगत दी। वहां गायत्री परिवार के जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ पांडे आचार्य, बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन रावल, हीरा सिंह ऐठानी, गोविंद परिहार, गोविंद बाफिला, अनिल साह, नवीन साह, डॉ. शेर सिंह ऐठानी, प्रकाश साह, किशन रावल, प्रकाश पंत, कैलाश पांडे, हरीश सोनी, दीपक बाफिला, मनीष पांडे, दीपक परिहार, रूप चंद्र, दुर्गा अस्वाल आदि मौजूद थे।