बागेश्वर शहर के कफलखेत गांव के पीछे के जंगलों में लगी आग।
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कफलखेत और जौलकांडे के जंगलों में बुधवार को आग धधक गई। वन कर्मियों की घंटों की मशक्कत के बाद भी देर शाम तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। दिन भर जंगल से धुएं के गुबार उठते नजर आए।
जिला मुख्यालय के पास कफलखेत गांव के ठीक पीछे स्थित चीड़ के जंगल में किसी ने बुधवार को आग लगा दी। सूखे पिरूल ने तेजी से आग पकड़ ली और देखते ही देखते जंगल से लपटों के साथ धुएं के गुबार उठने लगे। सूचना मिलते ही वन विभाग से आग बुझाने के लिए कर्मचारियों की एक टीम भेजी गई।
लपटों पर काबू पाने के लिए वन कर्मियों ने काफी मशक्कत की, लेकिन घंटों के प्रयास के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इससे बहुमूल्य वन संपदा जलकर नष्ट हो गई। वन दरोगा प्रयाग दत्त भट्ट ने बताया कि सूखी पिरूल होने के कारण आग बुझाने में कठिनाई हुई। वन विभाग के अधिकारियों ने वनों में आग लगाते पकड़े जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।