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जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने जिपं अध्यक्ष के कक्ष के साथ ही कार्यालय में की तालाबंदी

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बागेश्वर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष और आठ जिला पंचायत सदस्यों और जिपं अध्यक्ष के बीच गति रोध बढ़ता जा रहा है। जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने जिला पंचायत में व्याप्त अनियमितताओं की जांच न होने के विरोध में बृहस्पतिवार को जिपं अध्यक्ष के कक्ष के साथ ही जिला पंचायत के कार्यालयों में तालाबंदी कर दी।
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उपाध्यक्ष और असंतुष्ट सदस्यों ने जिला पंचायत के दो चालकों को घर बैठे वेतन देने और संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से सरकारी वाहन चलाने का आरोप मढ़ा है। आंदोलन को कांग्रेस नेताओं ने समर्थन दिया है।
जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, इंदिरा परिहार, पूजा आर्या, रूपा देवी, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रेखा देवी जिपं में व्याप्त अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर बीते 14 जून से जिला पंचायत परिसर में धरना दे रहे हैं।
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को जिपं उपाध्यक्ष और उक्त सदस्यों ने जिपं अध्यक्ष और जिला पंचायत के कार्यालयों में ताले डाल दिए और परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
इन लोगों का कहना था कि अध्यक्ष विवेकाधीन कोष के नाम पर करीब 55 प्रतिशत बजट को अपने पास रख ले रही हैं। जिपं में तमाम नियुक्तियां मानक के अनुरूप नहीं की गई है। पदों से अधिक कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है।
जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने जिला पंचायत प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया। इनका कहना था कि जिपं के दो चालकों से काम नहीं लिया जा रहा है।
इसमें से एक को 62 हजार से अधिक तो एक को 40 हजार रुपये से अधिक वेतन बगैर काम लिए दिया जा रहा है। दोनों वाहनों को संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहे हैं।
वाहन चालक को मिलने वाला टीएडीए का भुगतान इन चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को किया जा रहा है। कहा कि अनियमितताओं की जांच होने तक उन लोगों का आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन को पूर्व पालिकाध्यक्ष गीता रावल, महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव इंदिरा जोशी, कांग्रेस नेत्री लक्ष्मी धर्मशक्तू, सुनीता आर्या समेत तमाम लोगों ने समर्थन दिया और धरने पर बैठे।
जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों के आरोपों को लगातार नकार रही हैं। उनका कहना है कि जिपं में नियमों के अनुसार कार्य हो रहे हैं। कुछ सदस्य बेवजह विरोध कर रहे हैं।
अनदेखी को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत संगठन ने कमिश्नर को लिखा पत्र
बागेश्वर। बागेश्वर में चल रहे जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों के आंदोलन को उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन ने समर्थन दिया है। संगठन के प्रदेश संयोजक जगत मर्तोलिया ने कुमाऊं आयुक्त को ईमेल से भेजे पत्र में कहा है कि बागेश्वर के जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया है।
निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को दरकिनार करना लोकतंत्र के लिए घातक है। कहा है कि जिलाधिकारी बागेश्वर को इसका संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर देनी चाहिए थी। सीडीओ जिला पंचायत के सचिव होते हैं, उन्होंने भी इस आंदोलन का संज्ञान नहीं लिया गया है।
कहा है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो बागेश्वर के जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन में कुमाऊं मंडल के सभी जिला पंचायत सदस्यों को भी आंदोलन शुरू करना पडे़गा। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। पत्र की प्रति डीएम को भी भेजी है।
सीडीओ बोले, एनएमए के बैठक में देहरादून जाने से बढ़ा गतिरोध
बागेश्वर। मुख्य विकास अधिकारी डीडी पंत का कहना है कि सदस्यों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश एएमए को दिए गए थे। एएमए बैठक में देहरादून गए हैं। इसलिए गतिरोध बढ़ गया है।
प्रभारी एएमए ने लिखित में दे दिया है कि प्रकरण को अध्यक्ष और एएमए के सामने लाया जाएगा। जब सीडीओ से पूछा गया कि उपाध्यक्ष और सदस्य जिपं अध्यक्ष पर ही आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में अध्यक्ष क्या जांच करेंगी। सीडीओ का कहना था कि यह सदन के भीतर का मामला है। इसें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। सदस्यों को आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
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