बागेश्वर। जिला पंचायत सदस्यों और अध्यक्ष के बीच का गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। आंदोलनरत सदस्यों ने कहा कि बुधवार को वार्ता के लिए आईं जिपं अध्यक्ष ने गलत पंचायतीराज एक्ट की बुक दिखाते हुए समितियों का कार्यकाल दो वर्ष का बताया, जबकि जिपं सदस्यों को दी गई पंचायतीराज एक्ट की प्रति में नियोजन समेत तमाम समितियों का कार्यकाल एक वर्ष अंकित हैं। इधर जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि जिपं में सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं। कहा कि यदि पंचायतीराज एक्ट गलत प्रस्तुत किया है तो इसे कोर्ट में चुनौती देने के लिए सदस्य स्वतंत्र हैं।
बृहस्पतिवार को जिपं डाकबंगले में हुई पत्रकार वार्ता में जिपं अध्यक्ष बसंती देव ने कहा कि जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने उन्हें आंदोलन की कोई सूचना नहीं दी। सभी सदस्यों के क्षेत्रों में बजट का बराबर आवंटन किया जा रहा है। सदस्य 15वें वित्त में मनमर्जी से प्रस्ताव भेजने का आरोप लगा रहे हैं। सात जून को प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि थी। धरना दे रहे सदस्यों ने प्रस्ताव नहीं दिए। इस कारण वर्चुअल बैठक करानी पड़ी। अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने 55 प्रतिशत बजट विवेकाधीन कोष के नाम पर नहीं रखा है। एक के स्थान पर तीन कार्मिकों की पदोन्नति करने के सवाल पर कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही पदोन्नति हुई है। कहा कि चालकों से अपने विवेक से काम ले रही हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से बसंती देव का विरोध किया जा रहा है। सदन में ही सारे फैसले लिए जाएंगे।
...इधर जारी रहा आंदोलन
बागेश्वर। जिला पंचायत की अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और सदस्यों का धरना 15वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने जांच होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। आंदोलन के समर्थन में पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण सहित अन्य लोगों ने भी धरना दिया। कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र नगरकोटी, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीपक कांडपाल, जिला सचिव आलम मेहरा, प्रदीप धपोला, पंकज कुमार, महीप किशोर, गंगा लाल वर्मा, प्रकाश भट्ट, भैरव दत्त चंदोला आदि ने कांडा के एसडीएम राकेश तिवारी के माध्यम से पंचायतीराज सचिव को भेजे ज्ञापन में जिपं में बजट आवंटन सौतेला व्यवहार करने और गलत एक्ट दिखाकर जिपं सदस्यों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने सचिव से इसकी जांच की मांग की।
जिपं. अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज कराऊंगा केस : ऐठानी
बागेश्वर। जिपं सदस्य हरीश ऐठानी ने जिपं अध्यक्ष बसंती देव पर पंचायतीराज एक्ट में छेड़खानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि अध्यक्ष ने बुधवार को एसडीएम, तहसीलदार और जिपं के अधिकारियों की मौजूदगी में समितियों का कार्यकाल दो साल होने संबंधी पंचायतीराज एक्ट की प्रति सार्वजनिक की थी। पंचायतीराज एक्ट में समितियों का कार्यकाल एक वर्ष होने का नियम है। ऐसे में अध्यक्ष ने गैर सांविधानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वह मामले में जिपं अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।