बागेश्वर। कफौली में बुधवार को हादसा होता तो स्थिति और गंभीर होती। बुधवार को क्षेत्र के लोगों की मानें तो गांव के 15-20 लड़के लाइन की मरम्मत में सहयोग कर रहे थे। क्षेत्र के लोगों ने हादसे के लिए यूपीसीएल के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। जिममेदारी तय करने की मांग की है।
जिला अस्पताल पहुंचे क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले पांच दिन से इलाके में बिजली नहीं थी। यूपीसीएल को लगातार सूचना दी जा रही थी लेकिन लाइन की मरम्मत नहीं की गई। बुधवार को बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे। कफौली के तोक मुवानी में लाइन की मरम्मत का काम किया गया। इस काम में गांव के 15-20 युवा सहयोग कर रहे थे। गांव के लोगों का कहना है कि यदि यही हादसा बुधवार को हो जाता तो स्थिति और भयावह होती।
गांव के अर्जुन सिंह कोरंगा ने हादसे के लिए यूपीसीएल को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि निगम के अधिकारी पर्याप्त संख्या में कार्मिकों को लेकर मौके पर नहीं आए। इस कारण स्थानीय लोगों को विभाग का सहयोग करना पड़ा और दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। वह कहते हैं कि निगम किसी व्यक्ति के पेड़ काटने से लाइन क्षतिग्रस्त होने की बात कर रही है। निगम को लाइन क्षतिग्रस्त करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। न कि बगल से गुजरने वाली 33 हजार केवी की लाइन को बंद किए बिना ही लाइन की मरम्मत के काम में स्थानीय लोगों को लगाना चाहिए था। उन्होेंने कहा कि घटना की पूरी जांच होनी चाहिए। गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मृतकों के परिजनों और झुलसे लोगों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।
जिपं अध्यक्ष और पूर्व विधायक पहुंचे अस्पताल
बागेश्वर। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव और कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने जिला अस्पताल पहुंचकर झुलसे लोगों का हालचाल जाना। मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। पूर्व विधायक फर्स्वाण ने घटना के लिए यूपीसीएल के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच और मृतकों के परिजनों को 25 लाख, झुलसे लोगों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। कहा है कि ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मृतक गोपाल दत्त गरुड़ में चलाता था दुकान
बागेश्वर। हादसे में मृतक गोपाल दत्त जोशी गरुड़ में दुकान चलाता था। उसके पिता खीमानंद जोशी की गरुड़ में लंबे समय से दुकान है। लॉकडाउन की वजह से इन दिनों वह अपने गांव आया हुआ था और हादसे का शिकार हो गया। गोपाल की मौत से गरुड़ के लोगों में शोक व्याप्त हो गया है।
मृतकों के घर में मचा है कोहराम
बागेश्वर। कफौली हादसे के मृतक गोपाल दत्त जोशी की दो लड़कियां और एक लड़का है। बड़ी लड़की 15 साल, छोटी लड़की 13 साल की है। लड़का 10 साल का है। दूसरे मृतक नवीन पांडे का एक साल का लड़का है। गांव के दो लोगों की मौत और दो लोगों के झुलसने से गांव में मातम पसरा है।
एक घंटे देरी से मिली एंबुलेंस
बागेश्वर। गंभीर रूप से झुलसे भुवन सिंह कोरंगा को चिकित्सकों ने दोपहर 3:30 बजे हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया था, लेकिन 108 एंबुलेंस अस्पताल में 4:30 बजे पहुंची। तब तक झुलसा व्यक्ति अस्पताल के बाहर पड़ा रहा। एंबुलेंस पहुंचने के बाद उसे हल्द्वानी के लिए भेजा गया।
ईई ने एसडीओ को सौंपी जांच
बागेश्वर। यूपीसीएल के ईई भाष्कर पांडेय का कहना है कि हरसिला और कफोली के बीच किसी व्यक्ति ने पेड़ काट कर गिराया गया था। इससे तार टूट गए थे। जेई राजेंद्र शाही बृहस्पतिवार को कर्मचारियों को लेकर पहुंचे थे। तार खिंचवाने में गांव के लोग भी मदद कर रहे थे। इस दौरान अचानक करंट लग गया जिससे लाइनमैन और अन्य लोग झुलस गए। शटडाउन लेकर लेकर लाइन के जंपर काटे थे। बगल से 33 केवी की लाइन गुजरती है। आशंका है कि तार को खींचने के दौरान झटका पड़ने से तार 33 केवी लाइन छू गया हो। एसडीओ एसएस भंडारी को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद ही वास्तविकता का पता चलेगा।