बागेश्वर। नमामि गंगे अभियान के तहत निर्माणाधीन सीवरेज योजनाओं में हो रही देरी पर डीएम आकांक्षा कोंडे ने नाराजगी जताई है। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने सर्वे और डीपीआर तैयार करने में लापरवाही बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को 28 फरवरी तक सभी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम कोंडे ने जल निगम के अधिकारियों को नगर की डीपीआर 30 जनवरी, कपकोट और गरुड़ की रिपोर्ट 15 फरवरी तक हर हाल में जमा करने, डीपीआर में व्यावहारिक और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सीवेज निस्तारण की निगरानी के लिए जल निगम और जिला पर्यटन विकास अधिकारी को संयुक्त रूप से नियमित चेकिंग करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीडीओ आरसी तिवारी, डीएफओ आदित्य रत्न आदि मौजूद रहे।
नदियों की शुद्धता पर कागजी दावों की खुली पोल
उत्तरायणी मेले के दौरान प्रशासन और संबंधित विभागों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नमामि गंगे की बैठकों में नदियों को बचाने के लिए बंद कमरों में रणनीतियां तैयार की जा रही हैं। उत्तरायणी मेले के दौरान सरयू और गोमती के तटों पर नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। मेले के दौरान लगी खानपान की दुकानों के जूठे बर्तन सीधे नदियों में धोए गए। कई दुकान संचालकों ने बचा हुआ अपशिष्ट और गंदगी भी सीधे नदी में बहा दी। नदी किनारे अब तक फैली गंदगी इसका सबूत दे रही है।