मंगलवार की सुबह ऊफान पर आई सरयू नदी।
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सोमवार हुई मूसलाधार बारिश से सरयू और गोमती जलस्तर काफी बढ़ गया। पानी पौराणिक बागनाथ मंदिर के स्नानघाट और शिव मूर्ति के आसपास तक भर गया है। जलस्तर काफी ऊपर तक बढ़ने से जहां लोगों में अफरातफरी का माहौल बनने लगा, वहीं, प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।
रात नौ बजे सायरन बजते ही आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारी तत्काल आपदा कंट्रोल रूम में पहुंच गए। डीएम रंजना ने रात में ही आपातकालीन बैठक ली और अधिकारियों को आपदा से निपटने के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
डीएम ने लोगों से अपील की है कि नदियों के खतरे वाले स्थान पर किसी भी हालत में आवाजाही न करें। नदी किनारे रह रहे परिवारों से भारी बारिश वर्षा के दौरान सतर्क रहने को कहा। डीएम ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से फिलहाल कोई नुकसान की सूचना नहीं है। उन्होंने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अभियंताओं को बंद सड़कों को शीघ्र खोलनेे के निर्देश दिए।
रात में हुई बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल गोयल, डीडीओ केएन तिवारी, लोनिवि के एसई पीएस बृजवाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और तहसीलदार बहादुर सिंह कुमल्टा आदि थे।