बागेश्वर। निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने कार्यकाल में राज्य के हर ब्लाक में दो-दो राजकीय इंटर कालेजों को मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा की थी। शासन ने बाकायदा इन विद्यालयों में मौलिक संसाधनों के लिए बजट भी अवमुक्त कर दिया था।
शिक्षा विभाग ने बजट का उपयोग भी कर लिया है, लेकिन विद्यालयों में रिक्त शिक्षकों के पद आज तक नहीं भरे जा सके हैं। शिक्षकों की कमी के कारण इन विद्यालयों में प्रवेश का काम धीमी गति से चल रहा है। लोगों ने शासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिक्षकों के रिक्त दी शीघ्र भरने की मांग की है। प्रदेश शासन ने जिले के छह राजकीय इंटर कालेजों बागेश्वर, कांडा, कपकोट, कर्मी, गरुड़ और कौसानी को मॉडल स्कूल बनाया है।
विद्यालयवार क्या है स्थिति-विक्टर मोहन जोशी स्मारक राजकीय इंटर कालेज बागेश्वर में प्रवक्ता में भौतिक, रसायन विज्ञान, नागरिक शास्त्र और संस्कृत, एलटी में अंग्रेजी और सामान्य विषय में शिक्षकों के पद रिक्त हैं। यहां स्वच्छक और कनिष्ठ सहायक पद लंबे समय से खाली है। लैब जीर्ण-शीर्ण भवन में चल रहा है। तीन कक्षा कक्षों की हालत खस्ता है।
-राजकीय इंटर कालेज कांडा में हिंदी, भूगोल, नागरिक शास्त्र और जीव विज्ञान प्रवक्ता जबकि एलटी में अंग्रेजी और कला के विषय के शिक्षक नहीं हैं। खेल सामग्री है, लेकिन मैदान नहीं है। लैब जीर्णशीर्ण भवन में चल रही है। चहारदीवारी आंशिक बनी है। पीने के पानी के कोई इंतजाम नहीं हैं।
-राजकीय इंटर कालेज कपकोट में रसान विज्ञान और गणित विषय में प्रवक्ताओं, कनिष्ठ सहायक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद खाली है। अंग्रेजों के जमाने में बने भवनों की हालत खस्ता है। प्रयोगशाला में रैक भी नहीं बने हैं। संपर्क मार्गों की हालत खस्ता है। चहारदीवारी नहीं है।
-राजकीय इंटर कालेज कर्मी में पूर्णकालिक प्रधानाचार्य समेत प्रवक्ताओं में भौतिक, जीव विज्ञान, हिंदी, समाजशास्त्र, गणित और संस्कृत, एलटी में विज्ञान, हिंदी और व्यायाम के शिक्षक नहीं हैं। तीन कक्षा कक्ष कम हैं। खेल सामग्री है लेकिन मैदान नहीं है।
-राजकीय इंटर कालेज गरुड़ में प्रवक्ता में रसायन, जीव विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत जबकि एलटी में अंग्रेेजी, व्यायाम और कला विषय के शिक्षक नहीं हैं। खेल मैदान भी अव्यवस्थित है। विद्यालय में अतिरिक्त कक्षा कक्षों की भी आवश्यकता है।
-राजकीय इंटर कालेज कौसानी में प्रवक्ता भौतिक विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और इतिहास जबकि एलटी में सामाजिक विज्ञान विषय में शिक्षकों के पद खाली हैं। वहां लिपिक, दफ्तरी और स्वच्छक का पद खाली है। कंप्यूटर मशीनेें हैं लेकिन आप्रेटर नहीं है। भवन पुराने हैं चहारदीवारी भी आंशिक बनी है।
अब तक कक्षा छह में प्रवेश के आंकड़े:
बागेश्वर में-20, कांडा 06, कपकोट 46, कर्मी 07, गरुड़ 40 और कौसानी में अभी तक सिर्फ 12 ही बच्चों ने प्रवेश लिया है।
प्रधानाचार्यों ने भेजा उच्चाधिकारियों को पत्र
राजकीय इंटर कालेज बागेश्वर के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तेवाड़ी, कांडा के शिव प्रसाद, कपकोट नंद किशोर आर्य, कर्मी के प्रभारी प्रधानाचार्य हरीश चंद्र उपाध्याय, गरुड़ घनानंद कांडपाल और कौसानी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह रावत ने बताया कि उन्होंने विद्यालय की समस्याएं उच्चाधिकारियों को भेज दी हैं। मॉडल राजकीय इंटर कालेजों में रंगरोगन का काम पूरा हो चुका है। वहां फर्नीचर, खेल और विज्ञान सामग्री पहुंच गई है। कांडा में चहारदीवारी बन चुकी है। इस महीने में पदोन्नति और नव नियुक्ति के जरिए शिक्षकों की तैनाती हो जाएगी। उच्चाधिकारियों को स्कूलवार जरूरतों को लेकर पत्र भेजा है।