गरुड़ (बागेश्वर)।
कत्यूर घाटी के विभिन्न गांवों के होल्यारों का दल बाजे-गाजे और ध्वजाओं के साथ होली गाते कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचा। शनिवार को होल्यारों ने कोट भ्रामरी मंदिर और बैजनाथ धाम में गायन से होली गीतों की रसधारा बहा दी। यहां होल्यारों ने खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर, दर्शन को आए तेरो अंबा ते द्वार...आदि होली गीत गाए। होली की चतुर्दशी के दिन कत्यूर घाटी के हर गांव के होल्यार प्राचीन काल से अपने गांव से बाजे-गाजो के साथ होली गाते कोट भ्रामरी मंदिर पहुंचते हैं। वहां बारी-बारी से कोट मंदिर के प्रागंण में होली गाते हैं।
इस दौरान पीएमजीएसवाई अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, बबलू नेगी, संजय फर्स्वाण इंद्र सिंह, बिष्ट कोट भ्रामरी मंदिर के प्रधान भंडारी बलवंत सिंह भंडारी ने होल्यारों को अबीर-गुलाल लगाया।
-
इन गांव के होल्यारों ने गाए होली गीत
कज्यूली, जिनखोला, पुरुड़ा, नरग्वाड़ी, आगर मटे, तिलसारी, अयारतोली, मेलाडुंगरी, कटारमल, पाये, मटेना, अणां, बिनखोली, रतमटिया, कौलांग, लौबांज, नौघर, अमस्यारी, वज्यूला, गढ़सेर, सिल्ली आदि गांवों के होल्यारों ने अपने गांव के होली डांगर के नेतृत्व में होली के गीत गाए।