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Bageshwar News: अंबा के भवन बिराजे होली...

Sat, 23 Mar 2024 10:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर/कपकोट/कांडा। जिले में होली का खुमार चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीण अंचलों में होल्यार पूरी तरह से होली के रंग मेें रंग चुके हैं। होल्यार घर-घर जाकर खड़ी होली गायन कर रहे हैं। शनिवार को तीनों विकासखंडों के देव मंदिरों और गांवों में होल्यारों ने होली गीत गाए। जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांव बहुली, मोटासिमल, उडलगांव, बमराड़ी, सात-रतबे, हनेठी, चामी, भयेड़ी, ग्वाड़ खुनौली, घिंघारूतोला, कपकोट के ऐठाण, कपकोट गांव, पनौरा, उतरौड़ा समेत काफलीगैर, दुग नाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र के कई गांवों में होली गायन किया गया। होल्यारों ने देवी मंदिरों में अंबा के भवन बिराजे होरी...., भगवान शिव के मंदिर में शिव के मन माही बसे काशी...., घर-घर में मेरो री मन मोहना रे मधुवन से कब आओगे...., टूट गई कंगना की तीली...., झुकी आयो शहर में व्योपारी.... समेत कई खड़ी होली गीत गाए। होल्यारों ने जहां भक्ति रस के होरी गीतों से देवी-देवताओं की स्तुति की, वहीं शृंगार रस के होली गीतों से माहौल को सौंदर्य रस से सराबोर कर दिया। चुटीले अंदाज में हल्के होली गीतों का भी संगम खड़ी होली में दिखा। होल्यार डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी, सतीश चंद्र पांडेय, नंदा बल्लभ जोशी, ललित मोहन जोशी आदि ने बताया कि खड़ी होली के बिना पहाड़ की होली अधूरी है। आज भी ग्रामीण अंचलों में युवा और बुजुर्ग एक साथ खड़ी होली गायन कर इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
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