बागेश्वर। जिले में 15 साल से अधिक आयुवर्ग के निरक्षरों को साक्षर करने के लिए समग्र शिक्षा अभियान के तहत उल्लास कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत 10 निरक्षरों के सापेक्ष एक स्वयंसेवक को उन्हें पांच बिंदुओं पर साक्षर करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
विभाग प्रदेश के सभी जिलों में अभियान को संचालित करने की तैयारी कर रहा है। निरक्षरों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यवसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा और सतत शिक्षा देने के लिए प्रति 10 निरक्षरों के लिए लिए ग्राम स्तर पर ही स्वयंसेवक का चयन किया जाएगा। स्वयंसेवक गांव में पात्र निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें साक्षरता का ज्ञान देगें। स्वयंसेवकों के चयन के लिए समग्र शिक्षा की ओर से जल्द सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। स्वयंसेवकों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के डीआरयू से प्रशिक्षण देकर दक्ष किया जाएगा। अभियान पूर्ण करने के बाद समग्र शिक्षा की ओर से प्रमाण पत्र दिया जाएगा। उल्लास कार्यक्रम से शिक्षा ले चुके निरक्षरों की आगामी सितंबर और मार्च में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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कार्यक्रम के इस साल जिले में लागू होने की संभावना है। शासन से गाइडलाइन जारी होने के बाद जिले के सभी गांवों में सर्वे कराया जाएगा। पात्र निरक्षरों की सूची शासन को भेजी जाएगी। - गजेंद्र सिंह सौन, सीईओ बागेश्वर