बागेश्वर। जिले में खाद्य नमूनाकरण की धीमी गति खाद्य सुरक्षाधिकारी पर भारी पड़ रही है। विभाग को रोजाना अनिवार्य रूप से सैंपलिंग करने को कहा गया है। नमूनाकरण की दैनिक रिपोर्ट जियोटैग और फोटो समेत उपलब्ध करानी होगी। निर्धारित लक्ष्य को पूरा न करने पर खाद्य सुरक्षाधिकारी का वेतन भी रोका जा सकता है।
बृहस्पतिवार को डीएम आकांक्षा कोंडे ने खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और सतत निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने खाद्य नमूनाकरण के निर्धारित लक्ष्य कम होने पर कड़ी नाराजगी जताई। विभाग को अधिक सतर्क रहने और नियमित रूप से नमूनाकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मिडडे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी को प्राथमिकता देने को कहा। यहां उपयोग में लाई जा रही सब्जियों और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता हर हाल में चेक करने और व्हाट्सएप के माध्यम से जियोटैग इमेज के साथ निगरानी करने के निर्देश दिए। एफएसओ, एसडीएम और ईओ को स्ट्रीट फूड हब/स्ट्रीट फूड जोन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के लिए एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ईट राइट स्कूल अभियान में आश्रम पद्धति विद्यालयों को भी शामिल करने को कहा। मुख्य कृषि अधिकारी को जिले को ऑर्गेनिक जिला घोषित करने की संभावनाओं पर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहां सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।