बागेश्वर। अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित करने के दोषी पति को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उसे कई मामलों में 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार झिरौली थाना क्षेत्र के भटखोला गांव में पिछले साल सात मार्च को विवाहिता आशा देवी की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। उसका शव घर में फंदे पर लटका मिला था। आशा के भाई ने झिरौली थाने में घटना की तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने मृतका के पति महेंद्र कुमार, ससुर उनी राम और सास चंद्रा देवी के खिलाफ धारा 304बी, 498ए और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया। मामले की विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंचल सिंह पपोला ने मामले की पैरवी की। उन्होंने न्यायालय में 12 गवाह पेश कराए। गवाहों के बयान और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी महेंद्र कुमार को धारा तीन दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोष सिद्ध करते हुए पांच साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर उसे 20 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
धारा 498ए में दोष सिद्ध मानकर एक वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम में छह महीने के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी। हालांकि न्यायालय ने दोषी को 304 बी के अपराध समेत ससुर-सास को सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया है।