बागेश्वर। जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब लोगों के लिए आफत बनने लगी है। बारिश के कारण कपकोट क्षेत्र में एक आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि तीन अलग-अलग गांवों में ग्रामीणों के आंगन ढह गए हैं। इसके अलावा, पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और बोल्डरों के कारण जिले की 16 ग्रामीण सड़कों पर बुधवार को दिनभर आवाजाही पूरी तरह ठप रही। इसके चलते ग्रामीणों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा।
जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट के तल्ला सापुली निवासी उमराव सिंह का आवासीय मकान बारिश से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा ग्राम पेठी निवासी मोहनी देवी पत्नी जय सिंह, ग्राम बीथी पन्याली निवासी खुशाल सिंह और सुरकालीगांव निवासी रमेश साह के आवासीय मकानों के आंगन मलबे के साथ बहकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सुरक्षा और मुआवजे की गुहार लगाई है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी दरकने से बागेश्वर-कपकोट-तेजम मोटर मार्ग समेत बिजोरीझाल-ओखलसों, बदियाकोट-कुंवारी, कपकोट-पिंडारी, उगिंया-सोराग, खड़लेख-भनार, चीराबगड़, भनार, मुनार बैंड और रिखाड़ी-बाछम मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए।
सड़क बंद होने से इन क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया और सुबह से ही वाहनों के पहिए थमे रहे। आपदा प्रबंधन विभाग और लोनिवि की टीमें बंद सड़कों को खोलने के लिए सुबह से ही जेसीबी मशीनों के साथ लगी रहीं। अधिकारियों ने बताया कि बंद हुई 16 सड़कों में से 11 को शाम चार बजे तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। अभी भी पांच ग्रामीण सड़कें ऐसी हैं जहां मलबा और बोल्डर अधिक होने के कारण कार्य चल रहा है। विभाग ने दावा किया है कि मौसम साफ रहा तो इन बचे हुए मार्गों को भी जल्द ही सुचारू कर दिया जाएगा।