शासनादेश में संशोधन करने के साथ ही राज्य मद से दो हजार रुपए मासिक मानदेय स्वीकृत करने और वार्षिक प्रोत्साहन राशि का भुगतान एरिअर सहित करने की मांग को लेकर आशा कार्यकर्त्रियों ने धरना प्रदर्शन किया। बाद में इस संबंध का एक ज्ञापन एडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया।
जिला अस्पताल परिसर में धरना स्थल पर आयोजित सभा में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य मद से दो हजार रुपए मासिक मानदेय देने की घोषणा की थी। साथ ही पांच हजार रुपए वार्षिक प्रोत्साहन के अतिरिक्त यह मानदेय देने की बात कही गई थी। कार्यकर्त्रियों ने आरोप लगाया कि दो हजार रुपए का मानदेय देने की घोषणा विसंगति पैदा कर रही है। कहा कि चंपावत जिले की 48 आशाएं प्रशासनिक लापरवाही से तमाम लाभों से वंचित हैं।
कार्यकत्रियों ने वार्षिक प्रोत्साहन राशि का अलग से भुगतान कर सभी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई। कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में सीमा, मंजू परिहार, जानकी, गोमती, गोविंदी, आनंदी देवी, अंजू, रेखा, पुष्पा देवी, हंसी नगरकोटी, आशा गढ़िया, कविता, मुन्नी रौतेला, राधा देवी, चंपा देवी, हेमलता, किरन उपाध्याय, हेमा देवी, हेमा चंद, आनंदी देवी, रेेखा जोशी आदि शामिल थीं।