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होली गीतों से गूंजा बागनाथ धाम

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बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में होली गायन करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/गरुड़। चतुर्दशी को भगवान बागनाथ के धाम में होली का रंग खूब जमा। कई गांवों के होली दलों ने परंपरा के अनुसार भगवान बागनाथ के धाम में ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच होली गायन किया। गरुड़ के बैजनाथ स्थित भगवान बैजनाथ और कोटभ्रामरी मैय्या के दरबार में भी होली गायन हुआ। लोगों ने होली गीतों से ईश्वर की स्तुति की।
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शनिवार को सुबह 11 बजे से होली दल बागनाथ धाम पहुंचना शुरू हो गए थे। सबसे पहले आरे, द्वारसौं की होली भगवान बागनाथ के धाम पहुंची। इसके बाद मनकोट, छाती, पंत क्वैराली, खोली, द्यांगण, बहुली, अमतौड़ा, काकड़ा, स्यूनी, मजबे, डुंगरगांव, चामी, अमसरकोट, धारी, डोबा, चौहना, जौलकांडे, बोरगांव, सात, रतबे, हनेठी, गुनाकोट, भयेड़ी, क्वैराली, बिलौना समेत तमाम गांवों के दल आए। लोगों ने भगवान बागनाथ, कालभैरव और अन्य देवी-देवताओं को अबीर-गुलाल चढ़ाया। होली दलों ने हां जी शंभो तुम क्यों न खेले होरी लला, शिव के मन माहि बसे काशी, मथुरा के ठाकुर खेलत है होरी समेत तमाम भक्तिरस से संबंधित होलियों का गायन किया। करीब चार घंटे तक मंदिर में होलियों का गायन हुआ। गरुड़ के कोटभ्रामरी मंदिर में भी होली दलों ने होली गायन किया। अंबा के भवन बिराजे होली, जगमग जगमग होय अंबा धन तेरो समेत तमाम होली गीत गाए।
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