बागेश्वर/कपकोट/कांडा/ दुग नाकुरी। जिले में छलड़ी की होली पर हुई रंगों की बरसात में होल्यार जमकर थिरके। होल्यारों ने एक दूसरे पर रंगों की जमकर बौछार की। बच्चे और महिलाएं भी होली के गीतों में जमकर थिरकी। होलयारों ने तन मारो मन मारो सैंया... समेत कई मनभावन होली गाए।
महिला और पुरुष होल्यारों के झुंड होली गायन के लिए सुबह से ही घरों से निकल गए थे। होलयारों ने जल कैसे भरूं जमुना गहरी... जोगी आयो शहर में व्यापारी... मत जा हो पिया होली आई रही है... बिरज में होली रे रसिया... मथुरा वचन को गए कन्हैया होली कै संग खेलूंगी... अरे हां हां सखी संग खेलूं होली... राम भजो हरि भजो राधे भला सुमिरो सिया राम... समेत कई अन्य गीत गाए।
होल्यारों ने ओ हीरा समदणी... बेड़ू पाको बारो मासो... टक टकाटक कमला बाटुली लगाए... हिंदी फिल्मी गीतों में रंग बरसे चुनरी समेत कई अन्य गीत गाए। होल्यारों ने लोगों बरस दीवाली बरसे फाग जो भागि जीवे अगले साल आयो बसंत मेरो घर हो हो लछीरे... के साथ आशीर्वाद दिया। लोगों ने होल्यारों को गुझिया, आलू के गुटके, सूजी, गुड़, मिठाइयां खाने को दीं।