बागेश्वर के टैक्सी स्टेंड पर यात्री नहीं होने से छाई सुनसानी। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। होली पर्व पर प्रवासी भी घरों को लौट आते हैं। होली शुरू होने से पहले बाजारों में जमकर खरीदारी भी की जाती है। जिसके चलते बाजार गुलजार रहते हैं, लेकिन होली शुरू होने के बाद से बाजारों से रौनक गायब होने लगती है। चतुर्दशी के दिन से बाजार की अधिकांश दुकानें बंद हो गई थीं। रविवार को साप्ताहिक बंदी के चलते जिला मुख्यालय का बाजार बंद रहा तो कपकोट, भराड़ी, गरुड़, कांडा के बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश सोनी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर में होली गायन किया जाता है, जिसके चलते अधिकांश ग्रामीण दुकानदार होलियों में शामिल होने चले गए हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष भराड़ी शेर सिंह ऐठानी ने बताया कि होली में महिलाएं और पुरुष होली गायन करते हैं। पूरे दिन होलियों की रौनक बनी रहती है जिसके चलते लोग बाजारों का रुख नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि छलड़ी के दिन रंगभरी होली के चलते बाजार पूरी तरह से बंद रहते हैं। मंगलवार से बाजारों में चहल-पहल लौटेगी।
गाड़ियां न होने से परेशान रहे यात्री
बागेश्वर। जिले में रविवार को टैक्सी स्टेंडों पर भी सुनसानी छाई रही। लंबी दूरी की टैक्सियों के न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बस अड्डे पर भी अन्य दिनों की अपेक्षा रौनक कम रही। केएमओयू के इंचार्ज धरणीधर जोशी ने बताया कि होली से पूर्व ही लोग घरों को लौट आते हैं। बताया कि मंगलवार और बुधवार के बाद होली मनाकर प्रवासी लौटने लगेंगे, जिसके बाद रौनक लौट आएगी। इधर शिवशक्ति टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष पुष्कर जोशी ने बताया कि स्थानीय जगहों के लिए कुछ टैक्सियां चल रही हैं, लंबी दूरी के वाहनों की कमी है। जिसके कारण हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ आदि स्थानों के यात्रियों को दिक्कत हो रही है।