बागेश्वर का जीआईसी काफलीगैर। विज्ञप्ति
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बागेश्वर। राजकीय इंटर कॉलेज काफलीगैर में इतिहास विषय स्वीकृत होने के बाद पढ़ाई भी चल रही है, लेकिन इतिहास प्रवक्ता का पद सृजित नहीं है। पीटीए शिक्षक के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। विद्यालय में प्रवक्ताओं के चार पद और एलटी शिक्षक का एक पद भी रिक्त चल रहा है। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
काफलीगैर इंटर कॉलेज को 1989 में इंटरमीडिएट की मान्यता मिली थी। वर्तमान में यहां 326 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में प्रवक्ताओं के नौ पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष पांच में प्रवक्ता तैनात हैं। दो पदों की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षक संभाल रहे हैं, जबकि दो पद रिक्त चल रहे हैं। एलटी सहायक अध्यापकों के 11 पदों के सापेक्ष 10 पद पर शिक्षक तैनात हैं, जबकि गणित विषय के शिक्षक का एक पद रिक्त चल रहा है। शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर असर पड़ रहा है। इतिहास विषय की मान्यता मिलने के बावजूद प्रवक्ता का पद नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी हो रही है।
विद्यालय को नए भवन की भी दरकार
बागेश्वर। विद्यालय को शिक्षकों के अलावा भवन की भी जरूरत है। विद्यालय का भवन काफी पुराना और जर्जर है। 10 कमरों में शिक्षण और कक्षा-कक्षों का संचालन हो रहा है। चार नए कमरे बने हैं, लेकिन उनमें वर्चुअल लैब सहित अन्य कार्य संचालित हो रहे हैं। प्रधानाचार्य राजीव निगम ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी और भवन निर्माण को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है, हालांकि अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका है।
शिक्षकों और प्रवक्ताओं के पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होते ही जिले के विद्यालयों में प्रवक्ताओं और शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाएंगे। भवन निर्माण की मांग शासन को भेजी गई है।
पदमेंद्र सकलानी, सीईओ बागेश्वर