शासन द्वारा वर्ग विशेष को रिझाने के लिए उन्हें नमाज पर छुट्टी देने के निर्णय से एबीवीपी और हिंदूवादी संगठन से जुड़े कार्यकर्ता भड़क गए हैं। उन्होंने मंगलवार को जोरदार नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के पुतले फूंके। सभा में वक्ताओं ने कहा कि तुष्टिकरण की नीति कतई सहन नहीं की जाएगी।
मंगलवार की सुबह एबीवीपी और हिंदू जागरण मंच से जुड़े कार्यकर्ता अलग अलग समय में एसबीआई तिराहे पर जमा हुए। उन्होंने जोरदार नारेबाजी के साथ मुख्यमंत्री हरीश रावत का पुतला फूंका। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सीएम ने नजाम के लिए अवकाश देने का एलान कर देवभूमि की अखंडता को तोड़ने की कोशिश की है।
सीएम अपनी कैबिनेट में मनमाने निर्णय ले रहे हैं। वोट नीति की राजनीति छोड़कर स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय समेत विकास की राजनीति करनी चाहिए। सरकार के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की गई। उन्होंने सरकार से समाज विरोधी निर्णय को तुरंत वापस लेने को कहा। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। पुतला दहन करने वालों में एबीवीपी के कुमाऊं सह संयोजक आदर्श कठायत, छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक गस्याल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश मेहरा, नगर मंत्री अंकित ऐठानी, कमल नेगी, सुरेंद्र नेगी, हिमांशु उपाध्याय आदि शामिल थे। हिंदू जागरण मंच की ओर से सीएम का पुतला दहन करने वालों में धीरेंद्र परिहार, हिजामं के जिला महामंत्री गोरव राना, कपिल पांडे थे।