पितृपक्ष में बागेश्वर के बाजार में छाया सन्नाटा।
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बागेश्वर। श्राद्ध पक्ष में नगर के बाजार ग्राहकों से लगभग खाली हैं। लोगों का मानना है कि पितृ पक्ष में खरीदारी में खरीदारी करना अशुभ होता है। इस कारण ग्राहकों की संख्या में 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। नगर के चौक बाजार, दुग बाजार, कत्यूर बाजार, माल रोड, स्टेशन रोड, तहसील रोड, नुमाइशखेत रोड की बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है। इससे बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, जूते समेत अन्य कारोबार पर असर पड़ रहा है।
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श्राद्ध में शुभ कार्य होते हैं वर्जित
पितृ पक्ष में पितरों के नाम से ही दान, सेवा आदि के कार्य करने चाहिए। साथ ही नई वस्तुओं की खरीदारी के अलावा कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। इस कारण कम लोग ही नई चीजों की खरीदारी करते हैं। - गणेश दत्त जोशी, पंडित
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पुरानी पीढ़ी आज भी परंपरा से जुड़ी
श्राद्ध में बाजार में खरीदारों की संख्या में कमी आई है। युवा पीढ़ी भले ही पितृ पक्ष में नई वस्तुओं की खरीदारी करना वर्जित नहीं मानती हो, लेकिन पुरानी पीढ़ी आज भी इस परंपरा से जुड़ी है। इस कारण ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। - कमल साह जगाती, व्यवसायी, चौक बाजार
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नवरात्र में लौटेगी बाजारों में रौनक
28 सितंबर को श्राद्ध पक्ष संपन्न होगा। 29 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। नवरात्र में बाजार में रौनक लौटेगी। नवरात्र में नई वस्तुओं की खरीदारी, मकान की नींव आदि कार्य शुभ माने जाते हैं। व्यवसायी नवरात्रों की तैयारी में लगे हैं। उन्हें नवरात्र में बाजारों के गुलजार रहने और बाजार की रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।