मुस्योली गांव में खनन के बाद खुले छोड़े गए गड्ढे। संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। मुस्योली गांव में खड़िया खननकर्ता पर अनियमितता भारी पड़ सकती है। तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। जांच में तमाम खामियां सामने आई हैं। एसडीएम जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। खदान स्वामी पर भारी जुर्माना लग सकता है। खनन पट्टा निरस्त होने की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं।
घिंघारुतोला से एक किमी दूरी पर बसा गांव मुस्योली खड़िया खनन का दंश झेल रहा है। 80 परिवार वाले इस गांव पर खड़िया खनन के कारण गंभीर खतरा मंडरा गया है। खनन से गांव की जमीन में दरार पड़ गई है। मकानों के पास तक खोदान कर दिया गया है। जमीन पर दरार पड़ने से कई बिजली के पोल भी खतरे से घिर गए हैं। आधा दर्जन मकानों को खतरा पैदा होने के साथ ही 15 नाली से अधिक जमीन भी खतरे की जद में आ गई है। मुस्योली निवासी नायब सूबेदार संदीप सिंह ने अनियमितता के मामले को प्रशासन के सामने रखा था। मंगलवार को नायब तहसीलदार दीपिका आर्या मौके पर पहुंची। उन्होंने शिकायत के आधार पर जांच की। जमीन पड़ी दरारों को देखा।
तहसीलदार नवाजिश खलीक ने बताया कि उन्होंने जांच रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंप दी है। उन्होंने माना कि गांव में नुकसान हुआ है। मकानों को खतरा पैदा हो गया है। बिजली के पोलों को खतरा पैदा हो गया है। आवंटित क्षेत्र से बाहर मलबा डाला गया है। खनन करने के बाद गड्ढे भरे नहीं गए हैं। खननकर्ता पर जुर्माने आदि की कार्रवाई होगी।
इधर, उपजिलाधिकारी सदर योगेंद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार की जांच रिपोर्ट उन्हें मिल गई है। घरों के नजदीक तक खोद दिया गया है। गड्ढों का भरान नहीं किया गया है। खेतों में दरार आई है। खनन क्षेत्र में पिलर भी नहीं पाए गए हैं। खनन क्षेत्र में पिलर न होना अवैध की श्रेणी में आ रहा है। डीएम साहब को अवैध खनन की रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। जिलाधिकारी के स्तर से इस मामले में जुर्माने के साथ ही अन्य कार्रवाई होगी।