कांडा/बागेश्वर। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने कांडा सीएचसी में डिजिटल अल्ट्रासाउंड मशीन तो लगा दी लेकिन, तीन महीने बाद भी अल्ट्रासाउंड मशीन से एक भी रिपोर्ट नहीं निकली है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं हुए।
करीब 40000 की आबादी वाला कांडा क्षेत्र पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट से सटा हुआ है। वहां के लोग लंबे समय से अल्ट्रासाउंड की सुविधा देने की मांग कर रहे थे। 21 मार्च को अस्पताल में मशीन स्थापित कर दी गई।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित न होने से मशीन लगने के बाद भी अल्ट्रासाउंड कराने की समस्या बनी हुई थी। तब स्वास्थ्य अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कांडा सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही थी लेकिन अब तक वैकल्पिक व्यवस्था करने के दिशा में कदम नहीं उठाया गया है।
सीएचसी में अल्ट्रासाउंड न होने से कांडा तहसील क्षेत्र के लोग 25 से 50 किमी दूर जिला मुख्यालय आने के लिए मजबूर हैं। कांडा के सामाजिक कार्यकर्ता सुंदर सिंह गढि़या, रावतसेरा के सामाजिक कार्यकर्ता गिरधारी सिंह रावत का कहना है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित की गई है तो अल्ट्रासाउंड कराने की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग को करनी चाहिए।
कांडा सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट का पद सृजित करने के लिए महानिदेशालय को संस्तुति की गई है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाएगी।
अनुपमा ह्यांकी, सीएमओ, बागेश्वर।