बागेश्वर। देश में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के संदिग्ध मरीजों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। वायरस से बचाव के लिए सभी अस्पतालों में विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में श्वसन तंत्र रोग पाए जाने पर ध्यान देने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बीते छह दिसंबर को भारत में एचएमपीवी संक्रमण का पहला मामला सामने आने के बाद देश में अब तक कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, नागपुर में संक्रमित और कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है। हालांकि प्रदेश में अभी तक किसी भी मरीज में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। सोमवर को स्वास्थ्य महानिदेशालय के वायरस से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद मंगलवार को सीएमओ ने भी अस्पतालों में वायरस से लड़ने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को आईसीयू वार्ड में ब्रोंकाइटिस के लक्षण पाए जाने पर एक मरीज और श्वास संबंधी समस्या होने पर दो मरीज भर्ती किए गए हैं। निमोनिया के कारण फिलहाल कोई मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है।
जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एसपी त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल में दवा, बेड और ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। फिजिशियन से बात कर जरूरत पड़ने पर आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। श्वास संबंधित मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों की समय-समय पर जांच की जा रही है।
क्या है एचएमपीवी
बागेश्वर। सीएमओ ने पत्र जारी करते हुए बताया है कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से ठंड के मौसम में फैलता है। अन्य श्वसन तंत्र रोगों की तरह ही इसमें सामान्य सर्दी, खांसी, जुकाम और फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। जो आम तौर पर तीन से पांच दिनों में खुद ठीक हो जाता है।
बचाव के तरीके
बागेश्वर। बच्चों, बुजर्गों और किसी अन्य गंभीर रोग से ग्रसित लोगो में विशेष सावधानी बरती जाए। छींकते, खांसते समय नाक और मुंह को ढकने के लिए रुमाल का इस्तेमाल करें। भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, साबुन पानी से हाथों को स्वच्छ रखें, अधिक मात्रा में पानी/तरल पदार्थों का सेवन करें और पौष्टिक आहार लें, सर्दी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लें और चिकित्सकीय परामर्श पर ही औषधि का सेवन करें, लक्षण होने पर स्वस्थ लोगों से दूरी बनाकर रखें।
सभी अस्पतालों में एचएमपीवी से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला अस्पताल समेत तीनों सीएचसी को ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, आईसीयू बेड और दवाइयों की मात्रा पर्याप्त रखने के लिए कहा गया है। निमोनिया और इन्फ्लूएंजा जैसे रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रचार-प्रसार करेगा।
डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर