बागेश्वर। देशभर में कोरोना के मामले दोबारा आने से जिले का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में कोरोना से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। लंबे समय से बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को दोबारा संचालित करने और कोविड के लक्षण वाले मरीजों की जांच की भी व्यवस्था बनाई जा रही है।
जिले में अब तक कोरोना के लक्षणों वाला एक भी मरीज नहीं पाया गया है। राज्य में मामले आने के बाद जिले के अस्पतालों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला अस्पताल में कोविड की जांच के लिए पैथलॉजी लैब में टेस्टिंग किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हैं जिसमें से एक प्लांट निष्क्रिय है। निष्क्रिय प्लांट को संचालित करने के लिए उसकी मरम्मत कराने की तैयारी की जा रही है।
ऑक्सीजन सप्लाई से निपटने के लिए जिला अस्पताल में 400 ऑक्सीजन सिलिंडर और 96 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी रखे हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए डॉ. साक्षी को नोडल बनाया है। अतिरिक्त वार्ड बनाने के लिए ट्रामा सेंटर और अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने नए वार्ड में की व्यवस्था की जाएगी। ओपीडी में तैनात फिजीशियन कोविड के लक्षणों पर नजर बनाए हुए हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने कोविड के दौरान कार्य किया है। कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर सभी सतर्क हैं। निष्क्रिय ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत और चौथी मंजिल पर बने वार्ड को संचालित करने की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। लक्षण वाले मरीजों पर निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर जांच भी की जाएगी। फिलहाल शासन से संक्रमण से बचाव के लिए किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं।
-डॉ. एएम शर्मा, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल