बागेश्वर। जिले में डेंगू के दस्तक देने से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने जिले के अस्पतालों में डेंगू की तैयारी शुरू कर दी हैं। जिले के अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए मच्छरदानी युक्त छह बेड लगाए गए हैं। जिले में अभी तक डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
बागेश्वर में डेंगू के लक्षणों की पहचान करने और लोगों को डेंगू के बचाव के लिए जागरूक करने के लिए सोर्स रिडेक्शन टीम का गठन किया गया है। टीम जिले के कई स्थानों में जांच और जागरूकता कार्यक्रम कर लोगों को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। अब तक मंडलसेरा, कांडाधार, जीतनगर और ठाकुरद्वारा में जलस्रोंतों के आसपास 105 घरों का भ्रमण कर 210 लोगों की जांच की है। इनमें एक भी लार्वा में डेंगू के लक्षण नहीं मिले हैं।
जिले में डेंगू रोधक कार्यवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास 300 ग्राम ब्लीचिंग पाउडर, 150 किलोग्राम मैलाथियोन कीटनाशक है। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए 190 किट, सीएचसी कांडा में 11, सीएचसी कपकोट में 22 और सीएचसी बैजनाथ में 20 किट उपलब्ध हैं। विभाग सभी सीएचसी केंद्रों की ओर से जागरूकता अभियान चलाकर भी लोगों को जागरूक कर रही है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एएम शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में स्थित डीपीएचएल लैब में डेंगू की टेस्टिंग का कार्य किया जा रहा है। इसमें डेंगू से संबंधित सभी जांचे की जा रही हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- अपने आसपास और घरों की छतों पर पानी जमा न होने दें
- पानी की टंकी और अन्य जल भंडारों को ढककर रखें।
- मच्छरों से बचने के लिए मच्छर दानी और अन्य साधनों का प्रयोग करें
- शरीर को पूरे तरह से ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें
- डेंगू के लक्षण पाए जाने पर चिकित्सकीय परामर्श लें
- बगैर परामर्श के किसी दवा न लें
- घरों के आसपास नालियों और कूड़ेदानों के आसपास नियमित कीटनाशक का छिड़काव करें।
डेंगू से निपटने के लिए हमारी तैयारियां पूरी हैं। अस्पतालों में क्षमता के अनुसार अतिरिक्त बैड लगाए गए हैं। अभी तक जिले में एक भी मामला नहीं पाया गया है। टीम गठित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। संदेह के आधार पर लोगों की जांच भी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संसाधनों और बेड़ों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर