कपकोट(बागेश्वर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दीपावली के बाद से स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। क्षेत्र की एक लाख से अधिक की आबादी को उपचार के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है। ऑप्टोमेट्रिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ न होने से क्षेत्र के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी कपकोट में उपचार के लिए क्षेत्र की 60 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है। सरकार की ओर से अस्पताल को उपजिला चिकित्सालय बनाने का दावा किया जा रहा है लेकिन अस्पताल में सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रहीं हैं। सप्ताह के तीन दिन गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की सेवा दी जाती है लेकिन सोनोलॉजिस्ट के आकस्मिक अवकाश पर जाने से दीपावली के बाद से सेवा का संचालन नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र की गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड की सेवा के लिए जिला मुख्यालय में निजी सेंटरों में जाना पड़ रहा है क्योंकि जिला अस्पताल में भी रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर हैं। केंद्र में तैनात एक्सरे तकनीशियन और ऑप्टोमेट्रिस्ट भी अवकाश पर हैं।
सीएचसी में आंखों के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भी उपचार नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को इसके लिए जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। केंद्र में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल में अटैच किया गया है। इससे अस्पताल में बच्चों का उपचार भी नहीं हो रहा है। एक्सरे तकनीशियन न होने से हड्डी संबंधित मरीजों को एक्सरे की सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज रईस खान ने बताया कि हम लोग इलाज के लिए अस्पताल आते हैं। लेकिन सुविधा न मिलने से जिला अस्पताल जाना पड़ता है। क्षेत्र के एकमात्र सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से क्षेत्रीय जनता ने नाराजगी व्यक्त की है।
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सीएचसी कपकोट में तैनात एक्सरे तकनीशियन, सोनोलॉजिस्ट और ऑप्टोमेट्रिस्ट अवकाश पर हैं। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के अवकाश पर जाने के चलते सीएचसी में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल अटैच किया गया है। सभी के अवकाश से लौटने के बाद सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर