बागेश्वर। बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग के संकेतकों में खराब प्रदर्शन के कारण बागेश्वर जिले की राज्य स्तरीय रैंकिंग गिरकर नौवें स्थान पर पहुंच गई है। इस पर जिला प्रशासन ने नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के निर्देश दिए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा, बैजनाथ और कपकोट के चिकित्सा अधिकारियों को आगामी समीक्षा बैठक तक सभी लक्ष्य पूरे करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि लक्ष्य हासिल करने में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोका जाएगा।
सीएमओ कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार बाल प्रतिरक्षण, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, पूर्ण टीकाकरण तथा एएनसी और पीएनसी सेवाओं के लिए ब्लॉकवार लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। बागेश्वर ब्लॉक को बाल प्रतिरक्षण के लिए 1,125, संस्थागत प्रसव के लिए 1,112 और पूर्ण टीकाकरण के लिए 1,275 का लक्ष्य दिया गया है। गरुड़ ब्लॉक के लिए क्रमशः 824, 813 और 980, जबकि कपकोट ब्लॉक के लिए 982, 974 और 1,139 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सीएमओ, डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि सभी चिकित्सा अधिकारी, एनएचएम कर्मी, सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता पूरी गंभीरता, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें। प्रत्येक ब्लॉक की नियमित समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।