पाक के लिए जासूसी करने के आरोपी सैन्यकर्मी कंचन के गांव वालों को भी उसकी करतूत पर सहसा यकीन नहीं हो रहा। उन्हें यह मानने में कठिनाई हो रही है कि सीधा-सरल कंचन देश के दुश्मनों का साथ दे सकता है। उन्होंने भी कंचन को साजिशन फंसाने की आशंका जताई है। दूसरी ओर परिजनों में मायूसी छाई है।
गढ़ियागांव में लोगों में आजकल चर्चा का विषय कंचन ही है। ग्रामीणों और भूतपूर्व सैनिकों ने घर जाकर कंचन के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। गांव के सुरेश पांडे ने बताया कि कंचन बुरी आदतों और दुर्व्यसनों से दूर रहता था। वह सौम्य और सरल व्यवहार का है। वह दुश्मन देश के लिए जासूसी जैसा काम कैसे कर सकता है। कंचन की मां कमला ने बताया कि वह घर से वापस ड्यूटी जाने के लिए किराया मांगता था। बड़े भाई जगदीश ने बताया कि कंचन छुट्टी पर आने के दौरान उनके कपड़े पहनता था। छोटे चाचा राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह किसी शौक या व्यसनों से दूर था। पिता चंदन सिंह ने बताया कि उन्होंने सेना को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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खुफिया पुलिस ने खंगाले संपर्क और संबंध
बागेश्वर। दूसरे दिन भी खुफिया पुलिस ने कंचन के स्थानीय संपर्क और संबंधों के साथ ही परिजनों के बैंक खातों में लेनदेन के मामले खंगाले। इंटेलीजेंस ने दूसरे दिन भी परिजनों से पूछताछ की। इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। प्रभारी एसपी पंकज भट्ट का कहना है कि इस केस में कुछ नहीं कहा जा सकता। ब्यूरो