बागेश्वर। जिला पंचायत कार्यप्रणाली से नाराज जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार और जिपं सदस्यों के धरने को पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी अपना समर्थन दिया है। हरदा ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर कहा है कि आंदोलनरत सदस्यों की बात को सुना जाना चाहिए। चुने गए जनप्रतिनिधियों की इस तरह से उपेक्षा सही नहीं है। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने सदस्यों की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि आंदोलन की उपेक्षा की गई तो लड़ाई लंबी चलेगी। सदस्यों को उनकी पार्टी का पूरा सहयोग रहेगा।
जिपं परिसर में धरने पर बैठे जिपं उपाध्यक्ष और जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, इंदिरा परिहार, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, रूपा कोरंगा, रेखा देवी, पूजा आर्या ने 14वें दिन भी मांगों को लेकर नारेबाजी की। सदस्यों ने पंचायतीराज निदेश हरीश चंद्र सेमवाल को ज्ञापन भेजकर अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। कहा है कि अनियमितताओं की जांच और कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन को पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण समेत तमाम लोगों ने समर्थन दिया और सदस्यों के साथ धरने पर बैठे।
‘क्या अनियमितताएं जांच लायक भी नहीं’
आंदोलनरत जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि जिपं में घोर अनियमितताएं चल रही हैं। विवेकाधीन कोष के नाम पर 55 प्रतिशत बजट रख लिया जा रहा है। नियमों के विपरीत नियुक्तियां की गई हैं। छह कनिष्ठ सहायकों के पदों के सापेक्ष सात पदों पर तैनाती दे दी गई है। जिपं के चालकों से काम नहीं लिया जा रहा है। संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वाहन चला रहे हैं। उनको भत्तों का भुगतान किया जा रहा है। संविदा समाप्त होने के बाद भी कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इन लोगों ने सवाल खड़ा किया कि क्या यह अनियमितताएं जांच लायक भी नहीं हैं। कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है, यह सहन नहीं किया जाएगा।