जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल ने बोहाला गांव के हरक सिंह पर हुए जानलेवा हमले की जांच का मामला राजस्व पुलिस नंदीगांव से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अधीक्षक एनएस नपलच्याल ने इसकी पुष्टि की है।
कठपुड़ियाछीना जन ब्लाक संघर्ष समिति के अध्यक्ष की एसपी से हुई सकारात्मक वार्ता के बाद बुधवार को ताकुला सड़क के कठपुड़ियाछीना में हाईवे पर जाम लगाने का पूर्व घोषित कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। एसपी ने आश्वस्त किया कि घटना की शीघ्र ही नए सिरे से निष्पक्षभाव से विवेचना की जाएगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि गत 16 जून की रात किसी समय बोहाला गांव के हरक सिंह पर इसी गांव के पनौला तोक के पांच लोगों ने मिलकर धारदार हथियारों से जानलेवा कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपी उसे मरणासन्न हालत में उसे प्राइमरी स्कूल के समीप के खेत में छोड़कर भाग गए थे। राजस्व पुलिस इस मामले के पांच आरोपियों में से एक आरोपी पनी राम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
ग्रामीणों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भारी रोष है। गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तार करने और मामले को राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंपने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा था। डीएम ने अब मामले को राजस्व पुलिस से हटाकर रेगुलर पुलिस को सौंप दिया है।
मामले में कठपुड़ियाछीना जन ब्लाक संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावत की एसपी नपलच्याल से फोन पर बात हुई। एसपी ने उन्हें बताया कि अभी तो उन्हें डीएम से पत्र मिला है। घटना की नए सिरे से जांच होगी। इसके लिए उन्हें कम से कम एक सप्ताह का समय चाहिए। एसपी ने आश्वस्त किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।