गरुड़ गंगा को पुनर्जीवित करने के लिए किए गए कामों को अब जियो टैग करने का भी मन बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह सुझाव सामने रखा गया। डीएम ने अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारियों ने स्लाइड शो के जरिए योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गरुड़ गंगा पुनर्जीवन के लिए चिह्नित स्थानों की जियो टैगिंग भी की जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
यह भी जरूरी है कि संबंधित क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए, नदियों के संरक्षण के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों को नदी संरक्षण से जोड़ा जाए। डीएम ने नोडल अधिकारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट के निर्देश दिए । बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, डीएफओ बलवंत सिंह शाही, सीवीओ डॉ. उदय शंकर, सीएओ वीपी मौर्य, उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह, पीडी शिल्पी पंत, डीपीआरओ पूनम पाठक आदि थे।