ग्राम पंचायत नारायण गूंठ के पीने के पानी की टंकी और लेक्सूना मुख्य जल स्रोत के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का गांव में चल रहा क्रमिक अनशन मंगलवार दूसरे दिन भी जारी रहा। सभा में वक्ताओं ने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन और भी तेज करने की चेतावनी दी।
आंदोलन स्थल पर हुई सभा में ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी ने कहा कि गांव की पेयजल योजना की टंकी बीते बारिश में ध्वस्त हो गई थी। टंकी में पानी नहीं रुकने के कारण ग्रामीणों को पीने के साफ पानी के लिए कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। लेक्सूना जल स्रोत की हालत भी खस्ता है। दोनों के पुनर्निर्माण के लिए पेयजल संस्थान से कई बार मांग कर दी गई है। शासन प्रशासन को ज्ञापन भेजे। लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। पीने के साफ पानी के बंदोबस्त नहीं होने के कारण ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
मवेशियों की भी प्यास नहीं बुझ पा रही है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की ज्वाला और भी तेज कर दी जाएगी। क्रमिक अनशन में मंगलवार को राम सिंह नगरकोटी और प्रकाश सिंह नगरकोटी बैठे। महेश चंद्र, श्याम सिंह नगरकोटी, नैन सिंह, राम सिंह, बचुली देवी, बसंती देवी और बलवीर सिंह समर्थन में धरने पर बैठे।