बागेश्वर में प्रदर्शन करते अतिथि शिक्षक। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होने से जिले के कई अतिथि शिक्षकों को सरकारी स्कूलों में नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब होने से नाराज वर्ष 2015 से 2018 के बीच राजकीय स्कूलों में सेवा दे चुके अतिथि शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
अतिथि शिक्षकों ने डीएम विनीत कुमार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि आवेदन मांगने के दो माह उपरांत भी काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग की ढीली कार्यप्रणाली का खामियाजा जिले के अतिथि शिक्षकों को भोगना पड़ रहा है। जिले के कई अतिथि शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी दोबारा सरकारी स्कूलों में नियुक्ति नहीं हो पाई है।
जिले के स्कूलों में शिक्षकों का पहले से ही अभाव बना हुआ है। ऐसे में स्कूल खुलने के बाद भी अतिथि शिक्षकों को नियुक्त न कर विद्यार्थियों के साथ ही उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। अन्य जिलों में अतिथि शिक्षकों को नियुक्तियां दी जा रही हैं, बागेश्वर में अतिथि शिक्षक घर पर बैठे हैं। उन्होंने डीएम से शीघ्र अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति देने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में कन्हैया कुुमार, रंजीत कुमार, राजेंद्र रौतेला, कमल गढ़िया, किशन नेगी, विमला धपोला आदि शामिल थे।