सरकार जब गांव में डाकघर और बैंक भी नहीं खोल सकी तो ब्लॉक के सुदूरवर्ती तोली गांव से 78 मवासे पलायन कर गए। तोली के ग्रामीण गांव में पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से भी परेशान हैं। उनका कहना है कि सरकारों की उपेक्षा के कारण ही गांव खाली होता जा रहा है। जनप्रतिनिधि गांव में आते हैं, लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला।
आंदोलन के बल पर सड़क का निर्माण शुरू हुआ। ग्रामीणों के डाकघर और बैंकिंग के लिए 15 किमी दूर कपकोट और भराड़ी जाना पड़ता है। गांव में पेयजल की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। -प्रकाश जोशी, बीडीसी सदस्य।
सरकारों की उपेक्षा के कारण गांव में आज तक एएनएम सेंटर तक नहीं है। इससे बच्चों का टीकाकरण प्रभावित होता है और प्रसव पीड़िताओं की समस्याएं भी दोगुनी हो जाती है।
- कमला देवी
गांव में संचार सुविधा नहीं है। मोबाइल पर बात करनी हो तो ऊंची चोटियों पर जाना पड़ता है। इससे दिनचर्या ही गड़बड़ा जाती है। कई लोग पशुपालन करते हैं लेकिन डेयरी नहीं खोली गई है। - विमला देवी
गांव में किसी भी डीएम और एमपी के कदम नहीं पड़े हैं। गांव के गधेरों में पैदल पुल नहीं होने से बरसात में काफी दिक्कतें होती हैं। भूस्खलन से भी काफी नुकसान हुआ है। - भूपाल गढ़िया