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विवाह के लिए दो लोगों को दी ढाई-ढाई लाख की रकम

Sat, 19 Nov 2016 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कौसानी (बागेश्वर)।
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शादी के लिए मिले ढाई लाख - फोटो : अमर उजाला
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कौसानी। हजार, पांच सौ रुपए के नोट बंद होने के बाद शादी-ब्याह की तैयारियों में जुटे लोगों के चेहरों पर नई व्यवस्था से मुस्कान लौट आई है। निर्देश मिलने के बाद बैंकों ने जिन परिवारों में शादी है उनको ढाई लाख रुपए उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं। कौसानी स्टेट बैंक में शनिवार को पूरन लाल वर्मा ने अपने बेटे की शादी के लिए ढाई लाख रुपए प्राप्त किए।
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अपनी शादी का इंतजाम करने के लिए कई दिनों से पैसों की जुगत में इधर-उधर भटक रहे पूरन चंद्र कांडपाल ने भी शनिवार को अपना कार्ड दिखाया और मुस्कराते हुए ढाई लाख रुपए की रकम बैंक से प्राप्त कर घर लौटे। बैंकों में एक बार मनी एक्सचेंज करने वालों की उंगली पर स्याही लगनी शुरू हो गई है। 

हजार, पांच सौ रुपए के नोट बंद होने के बाद शुरू हुई लोगों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले लोग बड़े नोटों को बैंक में जमा कराने के लिए जूझते रहे तो अब छोटे नोटों के लिए कतार में घंटों तक खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी अस्पतालों या फिर मेडिकल स्टोरों में हो रही है जहां पर पर्ची काटने से लेकर दवाइयां खरीदने तक को लेकर मरीज या फिर तीमारदारों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
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बागेश्वर जिला अस्पताल में हर दिन 300 से अधिक ओपीडी होती हैं। पर्चा काटने के लिए मरीजों को खुले पैसे देने पड़ते हैं लेकिन नोट बंदी के बाद अधिकांश मरीजों के पास खुले पैसे नहीं हैं। ऐसे में तमाम परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। पर्चा काटने से लेकर दवाई खरीदने तक के लिए लोगों को पहले से ही छोटे नोटों का इंतजाम करना पड़ रहा है। दवा की दुकान चलाने वाले गोकुल ने बताया कि कई लोग 300 रुपए की दवा खरीदने के बाद दो हजार का नोट पकड़ा रहे हैं।

ऐसे में उन्हें सौ-सौ के 17 नोट लौटा पाना मुश्किल हो रहा है। जिला अस्पताल में बीमारी के कारण भर्ती खोली गांव निवासी मनोहर राम, कर्मी गांव के बलवंत सिंह कहते हैं कि हजार और पांच सौ रुपए के नोट बंद होने से दिक्कतें तो आई हैं लेकिन उनका काम चल रहा है। पर्चे का शुल्क जमा करने के लिए वे अपने साथ छुट्टे लाए थे। दवाइयां तो मेडिकल स्टोरों में महंगी ही आती हैं।

यही हाल अन्य व्यापारियों का भी है। थोक व्यापारी से लेकर गली मोहल्लों में परचून की दुकान चलाने वाले व्यापारियों के लिए ग्राहकों केे छुट्टे पैसे लौटा पाना मुश्किल हो रहा है। मजियाखेत में परचून की दुकान चलाने वाले हेम कांडपाल ने बताया कि कई लोग दो हजार रुपए का नोट लेकर आ रहे हैं। उन्हें शेष पैसे लौटा पाना संभव नहीं है। 
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