नेशनल हाइवे में स्थित गोमती पुल में चटखने के कारण टुकड़ों में तब्दील डामर को हटाने का काम शुरू हो गया है। इसके चलते पिछले दो महीनों से पुल में वाहनों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था।
मालूम हो कि वर्ष 1962 में बने गोमती और सरयू पुल का फर्श जर्जर हाल होने से एनएच ने पिछले साल अप्रैल माह में इन पुलों पर लोहे की प्लेटें बिछाई थीं।
लोहे की चादरों में दुपहिया वाहनों के फिसलने की शिकायत के बाद विभाग ने इसके ऊपर हॉटमिक्स कर दिया। हॉटमिक्स से कुछ समय तो वाहनों के संचालन में सुविधा हुई लेकिन छह माह में ही यह हॉटमिक्स चटखने लगा था। दिसंबर माह में फर्श की दरारों को ढंकने के लिए विभाग ने एक और हॉटमिक्स इसके ऊपर किया। इसके बावजूद यह प्रयोग सफल नहीं रहा। पुल के फर्श में बिछे डामर में गहरी दरारें पड़ने से दुपहिया वाहनों के संचालन में दुर्घटना और राहगीरों के भी गिरकर चोटिल होने का खतरा बना हुआ था।
इसको देखते हुए विभाग ने पुल से हॉटमिक्स डामर को हटाना शुरू कर दिया है। एनएच के सहायक अभियंता हितेश कांडपाल ने बताया कि कंपन की वजह से हॉटमिक्स पुल में टिक नहीं पाया। दोनों पुलोंसे इसे हटाया जा रहा है। 15 मार्च के बाद पुल के फर्श में अब कंक्रीट किया जाएगा।