पीएमजीएसवाई ने 10 साल पहले शामा-लीती-गोगिना सड़क के निर्माण के लिए क्षेत्र के कई काश्तकारों की नाप भूमि काटी थी लेकिन विभाग ने गोगिना गांव के अनुसूचित जाति के 20 काश्तकारों को आज तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया है। मुआवजा न मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम रंजना राजगुरू को ज्ञापन देकर मुआवजे का जल्द भुगतान करवाने की मांग की है। डीएम ने मामले में कार्रवाई की आश्वासन दिया।
- सड़क के लिए अनुसूचित जाति के काश्तकारों की नाप भूमि काटी गई थी
- डीएम को ज्ञापन देकर मुआवजे का भुगतान कराने की मांग उठाई
बृहस्पतिवार को डीएम को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि पीएमजीएसवाई ने वर्ष 2007-08 में शामा-लीती-गोगिना सड़क का कटान किया था। इस दौरान कई काश्तकारों की नाप भूमि काटी गई थी। विभाग ने सड़क निर्माण में प्रभावित कई लोगों को मुआवजे का भुगतान कर दिया है जबकि 20 परिवारों को आज तक मुआवजा नहीं दिया है। कहा कि मुआवजे के लिए संबंधित विभाग समेत कपकोट तहसील प्रशासन से कई बार मांग की गई है लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
उन्होंने डीएम से जल्द ही मुआवजा दिलाने की मांग की। मांग पूरी न होने पर उन्होंने परिवार समेत आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व बीडीसी सदस्य धनी राम, रतन, गुमान, भीम राम, तिला, अन, नरमल, डिगर, कुशी, खड़क, भवान, प्रेम, रतन, प्रताप, संजय, हरि, मोहन और कल्याण राम आदि शामिल हैं।