भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) का प्रशासन व नियोजन में उपयोग विषय पर एक दिनी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीएम भूपाल सिंह मनराल ने जीआईएस सेल का उद्घाटन ओर जीआईएस इंफासेंटर सीडी का विमोचन किया।
एनआरडीएमएस केंद्र, कुमाऊं विश्वविद्यालय उत्तराखंड विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी परिषद देहरादून व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने कहा कि जनपद के सभी सरकारी विभागों संस्थानों व विकासखंडों में नियोजन व प्रशासनिक कार्यों के संपादन के लिए स्थानीय डेटा के अनुसार आधारित रचना तैयार करने के लिए जीआईएस सेल के गठन व कार्यों के उद्देश्यों को लेकर यह कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य इस परियोजना के लिए विभागों से आंकड़े एकत्रित करना व जीआईएस रिमोट सेंसिंग की जानकारी उपलब्ध कराना है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के एनआरडीएएमएस केंद्र के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, जलागम प्रबंधन, शिक्षा विभाग, स्वास्थ विभाग, पुलिस, पर्याटन, वन विभाग, लोनिवि, राजस्व सहित विभिन्न विभागों में नियोजन अनुश्रवण, प्रबंधन की स्लाइड शो के माध्यम से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ई-गर्वनेंस का है। इसमें प्रशासनिक व नियोजन के कार्य जीआईएस सूचनाओं पर आधारित होंगे। उन्होंने अगले तीन माह के भीतर बागेश्वर जिले का जीआईएस तैयार करने के लिए सभी विभागों से आह्वान किया। कार्यशाला में सीडीओ एसएसएस पांगती, एनआरडीएमएस केंद्र के विनोद रावत, नरेश पंत, एडीएम एसएस जंगपांगी आदि मौजूद थे।