गरुड़ के सिमखेत में बच्चों की जांच करते डॉक्टर। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। गलघोंटू से पीड़ित बालिका को हायर सेंटर रेफर किया गया है। स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद बृहस्पतिवार देर शाम उसे रेफर करना पड़ा। बालिका की हालत गंभीर बनी हुई है।
गरुड़ विकासखंड के सिमखेत निवासी हर्षिता (5) पुत्री हरीश सिंह को बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। हालत गंभीर होने चलते देर शाम उसे हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष पंत के अनुसार बच्ची में गलघोंटू जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही असल बीमारी का पता चल सकेगा।
जिला चिकित्सालय के वार्ड से मिली जानकारी के अनुसार बच्ची की हालत में सुधार नहीं आने के बाद उसे यहां से हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। जुलाई से अब तक 12 बच्चे गलघोंटू जैसी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। वहीं सात बच्चों की मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में अब भी इस बीमारी के इलाज के लिए पर्याप्त साधन नहीं जुट पाए हैं।
डॉक्टरों की टीम पहुंची सिमखेत
बागेश्वर। गरुड़ के सिमखेत गांव की एक बालिका में गलघोंटू जैसे लक्षण पाए जाने के बाद शुक्रवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. पीएस जंगपांगी के नेतृत्व में टीम ने सिमखेत पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। डॉ. जंगपांगी ने बताया कि टीम ने गांव में 38 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान एक बच्चा बुखार से पीड़ित मिला। टीम में डॉ. राजेश बुदियाल, डॉ. नरेंद्र कीर्ति, फार्मासिस्ट आशुतोष वर्मा, अजय भंडारी रमेश चंद्र आदि थे।