शासन, शिक्षा विभाग की घोर उदासीनता के कारण सांसद आदर्श गांव सूपी के जीआईसी में प्रधानाचार्य समेत शिक्षकों के कई पद खाली हैं। प्रधानाचार्य, शिक्षक न होने के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। गुस्साए अभिभावक संघ और पंचायत प्रतिनिधियों ने बुधवार को डीएम भूपाल सिंह मनराल को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
डीएम को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2010 में राजकीय हाईस्कूल सूपी को इंटरमीडिएट का दर्जा मिला, लेकिन तब से कालेज में प्र्रधानाचार्य की तैनाती नहीं की गई है। कालेज में प्रवक्ता हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, राजनीतिक शास्त्र एलटी में गणित, अंग्रेजी, लिपिक, स्वच्छक के पद खाली हैं जबकि कालेज में 450 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हैं। प्रधानाचार्य, शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो गई है।
खाली पदों को भरने के लिए शासन, शिक्षा विभाग से कई बार मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने डीएम से समस्याओं का शीघ्र समाधान की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। डीएम मनराल ने समस्याओें के समाधान का आश्वासन दिया।
ज्ञापन देने वालों में शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह, जिला पंचायत सदस्य भागीरथी देवी, बीडीसी सदस्य चंद्रा देवी सूपी, ग्राम प्रधान यशपाल टाकुली सूपी, सूप सिंह मिकिलाखल्पट्टा, प्रवीण कुमार लाहुर, राजेंद्र टाकुली रिखाड़ी, भानुली देवी खलझूनी, भागीरथी देवी तरसाल पतियासार, गंगा देवी लाहुर, प्रताप सिंह खल्झूनी, पूर्व प्रधान मोहन सिंह, किशन सिंह, किशोरी लाल, सुंदर सिंह, कौशल्या देवी आदि थे।