जिला मुख्यालय में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्लांट से मांग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को सिलेंडर के लिए 15 से 20 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की जनता समय पर गैस नहीं मिलने से ज्यादा परेशान है। सिलेंडरों का बैकलॉग एक बार फिर से तीन हजार के पार पहुंच गया है।
प्लांट से कम सिलेंडर आने से जिला मुख्यालय में पिछले दो माह से रसोई गैस का संकट बना हुआ है। शहर में लोगों को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि कई बार सुबह से कतार में खड़ा होने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
नगर मुख्यालय से लगे गांवों में तो आपूर्ति हो रही है, लेकिन दुर्गम गांवों में स्थिति ज्यादा खराब है। एक पखवाड़े पूर्व सिलेंडरों का बैकलॉग चार हजार से घटकर दो हजार तक पहुंच गया था। लेकिन मांग के अनुरूप सिलेंडर नहीं आने से एक बार फिर बैकलॉग बढ़कर तीन हजार के पार हो गया है।
इधर, गैस एजेंसी के प्रबंधक जीएस बाफिला का कहना है कि कम सिलेंडर मिलने के बावजूद सभी क्षेत्रों में गैस आपूर्ति करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर में बारी के अनुसार गैस बांटी जा रही है। जिन क्षेत्रों में गैस की अधिक किल्लत है, वहां आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। प्लांट से मांग के अनुसार आपूर्ति होने के बाद ही हालात सामान्य होंगे।