गोमती और गरुड़ गंगा का जलस्तर गिरने से तहसील क्षेत्र के 36 से अधिक गांवों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा है। पेयजल संकट के दौर से गुजर रहे ग्रामीण नदियों का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पर्यटक नगरी कौसानी के होटल मालिक गोमती नदी से टैंकर से पानी ले जाने को मजबूर हैं।
भीषण गर्मी पड़ने से गरुड़ गंगा में पांच, गोमती में आठ क्यूसेक पानी रह गया है। दोनों नदियों का जलस्तर घटने से देवनाई घाटी के कोलतुलारी, थाकला, रणकुणी, बंतोली, पोखरी, ग्वालदे, हरबगड़, मन्यूड़ा, भकूनखोला, बैजनाथ, तैलीहाट, ग्वाड़ पजेना, गढ़सेर सहित 36 से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है।
ग्रामीण गरुड़ गंगा, गोमती नदी का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर है। तपिश बढ़ने से अधिकांश गांवों के नौले सूख गए है। जल संस्थान के जेई अशोक कुमार भट्ट ने बताया कि पिछले वर्ष जून में गरुड़ गंगा में 6, गोमती में 10 क्यूसेक पानी था।
उधर पर्यटक नगरी कौसानी को पानी की सप्लाई करने वाली योजना के स्रोत में पानी काफी कम हो गया है। होटल एसोसिएशन कौसानी के अध्यक्ष बबलू नेगी ने बताया कि सीजन पीक है। होटल मालिक गोमती, कोसी से टैंकर से पानी मंगाने को मजबूर है।
पर्यटक नगरी कौसानी में सीजन पीक पर है। होटलों में बोतल पानी रिकार्ड मात्रा में बिक रहा है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बबलू नेगी ने बताया कि अधिकांश पर्यटक बोतल बंद पानी की मांग कर रहे है। उन्होंने पर्यटकों, होटल मालिकों से प्लास्टिक, पालीथिन का मार्ग में न फेंकने को कहा है।