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कौसानी के अप्रतिम सौंदर्य को पलीता लगा रहा नगर में जगह-जगह बिखरा कूड़ा

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कौसानी में सड़क के पास डाला गया कूड़ा। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर/कौसानी। अपनी अप्रतिम सौंदर्य से देश और विदेश के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले कौसानी की ख्याति को बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण नुकसान हो रहा है। दिल्ली से घूमने आई एक पर्यटक ने बदहाल सफाई व्यवस्था को दिखाते 12 मिनट के एक वीडियो में जिम्मेदार संस्थाओं और लोगों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
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कोरोना काल के बाद पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख किया तो कौसानी भी पर्यटकों से गुलजार होने लगा। हालांकि सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की कमी सैलानियों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है। नगर में प्रवेश करते ही पर्यटकों का स्वागत कूड़े के ढेर से होता है। कौसानी से अल्मोड़ा की ओर जाएं या गरुड़ की ओर, प्रवेश करते ही होटलों, दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कूड़ा बिखरा नजर आता है। पर्यटक विभाग के कार्यालय के समीप, अनासक्ति आश्रम को जाने वाले मार्ग में, बाजार में सड़कों के किनारे कूड़ा फेंका गया है। इस कारण यहां आने वाले सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली से सुकून के कुछ पल बिताने कौसानी आई शिक्षिका ख्याति आनंद ने नगर में जहां-तहां फैली गंदगी को देखने के बाद स्थानीय लोगों से बात की। अपने दो सप्ताह के कौसानी प्रवास के दौरान उन्होंने व्यापारियों, होटल स्वामियों से बात कर जिम्मेदार लोगों पर सफाई के लिए दबाव डालने के लिए कहा। आखिरकार उन्होंने बाजार के एक छोर से लेकर दूसरे छोर और सभी महत्वपूूर्ण स्थानों पर फैली गंदगी का वीडियो बनाया और उसके माध्यम से अपनी पीड़ा को व्यक्त किया।
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दिल्ली से सुकून और खुशनुुमा मौसम का लुत्फ उठाने दो सप्ताह की छुट्टी पर कौसानी आई। सोचा था कि बापू ने जिस स्थान को भारत का स्विट्जरलैंड बताया है, वहां के अप्रतिम सौंदर्य को करीब से निहारने का मौका मिलेगा। शहर के प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ निजात मिलेगी लेकिन यहां का नजारा वैसा नहीं था। पर्यटक नगरी में कूड़ा प्रबंधन का कोई इंतजाम नहीं है। अनियोजित तरीके से कूड़ा फेंककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लोगों से बातचीत के बाद लगा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग काम करना ही नहीं चाहते। होटल के आसपास मैंने दो दिन सफाई भी की, लेकिन व्यक्तिगत प्रयास से कुछ होने वाला नहीं है। प्रशासन को कौसानी आने वाले पर्यटकों की परेशानी जाननी चाहिए और उन्हें बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए। - ख्याति आनंद, सैलानी दिल्ली
कौसानी में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। बाजार में कूड़ेदानों की भी कमी है। होटल स्वामियों को टैक्स देने के बावजूद अपने कूड़े का स्वयं निस्तारण करने को कहा जाता है। सरकार और प्रशासन को कूड़ा प्रबंधन और कौसानी आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि रुपये खर्च करने के बाद सैलानियों को शिकायत का मौका नहीं मिल सके। - मनोज अरोड़ा, होटल स्वामी/प्रदेश उपाध्यक्ष व्यापार मंडल
जिला प्रशासन और जिला पंचायत को कौसानी घूमने आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं देनी चाहिए। सैलानियों को किसी भी प्रकार की कमी नहीं हो, इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। कौसानी के विकास, कूड़ा प्रबंधन और अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रयास करना होगा। ताकि बाहर से आने वाले सैलानी कौसानी के बारे में गलत धारणा लेकर वापस न लौटे। - ललित फर्स्वाण, प्रदेश महामंत्री/पूर्व विधायक
ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने के कारण कूड़ा निस्तारण की कुछ समस्या है, लेकिन नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जिला पंचायत ने कौसानी में कर्मचारी तैनात किए हैं। फिर भी अगर कहीं कूड़ा एकत्र होने की समस्या है तो उसे दूर किया जाएगा। - डॉ. सुनील कुमार, एएमए जिला पंचायत बागेश्वर
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